ED Action : सव्यसाची इंफ्रास्ट्रक्चर की 15.40 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच, बिना जमीन और लाइसेंस के बेच दिए प्लॉट
अमाया ग्रीन्स प्रोजेक्ट के नाम पर करोड़ों का फर्जीवाड़ा, बिना लाइसेंस और जमीन के बेचे प्लॉट, मनी लॉन्ड्रिंग जांच में फंसा बिल्डर

ED Action : प्रवर्तन निदेशालय (ED) के गुरुग्राम जोनल कार्यालय ने सव्यसाची इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड (SIPL) और उसके निदेशकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 15.40 करोड़ रुपये की तीन अचल संपत्तियां जब्त कर ली हैं । यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत फर्रुखनगर स्थित संपत्तियों पर की गई है ।
ED की जांच में सामने आया कि SIPL ने गुरुग्राम के सेक्टर-3, फर्रुखनगर में ‘अमाया ग्रीन्स’, ‘अमाया ग्रीन्स एक्सटेंशन’ और ‘अमाया बाजार’ नामक टाउनशिप और SCO स्कीमें लॉन्च की थीं । कंपनी ने 100 से अधिक निवेशकों से प्लॉट और फ्लैट के नाम पर करोड़ों रुपये वसूले, लेकिन न तो उन्हें संपत्ति दी और न ही पैसे वापस किए ।
कंपनी ने साल 2019 में बिना किसी सरकारी लाइसेंस, जमीन के मालिकाना हक या अप्रूवल के ही फर्जीr epresentations के आधार पर बुकिंग शुरू कर दी थी । निवेशकों को एक साल के भीतर कब्जा देने और तब तक ‘निश्चित रिटर्न’ (Assured Returns) देने का लालच दिया गया था, जो कभी पूरा नहीं हुआ।
जांच में पाया गया कि कंपनी के प्रमोटरों ने निवेशकों के पैसे को डायवर्ट कर अपने ‘बेनामीदारों’ के नाम पर जमीनें खरीदीं । कंपनी ने उन प्लॉट्स की रजिस्ट्री तीसरे पक्षों या अपने करीबियों के नाम कर दी, जिनका वादा पहले ही दूसरे खरीदारों से किया जा चुका था ।
हरियाणा पुलिस और दिल्ली की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा दर्ज 3 FIR के आधार पर ED ने अपनी जांच शुरू की थी । पुलिस ने पहले ही विजय राजन, हर्ष खन्ना और अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है । अब तक की जांच के अनुसार, इस पूरे मामले में लगभग 18 करोड़ रुपये के ‘प्रोसिड्स ऑफ क्राइम’ (अपराध की कमाई) का पता चला है ।












